सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP)
GSDP - Gross State Domestic Product.
राज्य अर्थव्यवस्था के अन्तर्गत बिना दोहरी गणना किए हुए एक निश्चत अवधि में उत्पादित समस्त अन्तिम वस्तुओं एवं सेवाओं के मौद्रिक मूल्यों के योग को सकल राज्य घरेलू उत्पाद कहा जाता है।
• सकल राज्य घरेलू उत्पाद अनुमानों को प्रचलित (Current) एवं स्थिर (Constant) दोनों कीमतों पर अनुमानित किया जाता है।
राजस्थान | ||
9.82 लाख करोड़ रुपये | ||
18.75 लाख करोड़ रुपये |
भारत | ||
201.90 लाख करोड़ रुपये | ||
357.14 लाख करोड़ रुपये |
राजस्थान की जीडीपी भारत की जीडीपी की 5.25% है। (प्रचलित मूल्य पर)
राजस्थान की जीडीपी भारत की जीडीपी की 4.86% है। (स्थिर मूल्य पर)
नोट:- राजस्थान की आर्थिक वृद्धि दर भारत से अधिक है।
शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP)
(Net State Domestic Product)
सकल घरेलू उत्पाद समंको में से सकल स्थाई पूंजीगत उपभोग को घटाकर शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद अनुमान प्राप्त किया जाता है।
Net GDP = GDP - Depreciation (consumption of fixed capital)
• सकल स्थाई पूंजी उपभोग, पूंजीगत स्कन्ध (Stock) के उस हिस्से के प्रतिस्थापन मूल्य को मापता है, जिसका उपयोग वर्ष के दौरान उत्पादन प्रक्रिया में किया जाता है।
राजस्थान | ||
8.59 लाख करोड़ रुपये | ||
16.25 लाख करोड़ रुपये |
सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA)
(Gross State Value Added)
राजस्थान | ||
8.79 लाख करोड़ रुपए | ||
17.12 लाख करोड़ रुपये |
GSVA में क्षेत्रवार योगदान:-
क्षेत्र | राजस्थान (स्थिर मूल्य) | राजस्थान (प्रचलित मूल्य) | भारत (प्रचलित मूल्य पर) |
सेवा | 46.46% | 47.71% | |
उद्योग | 28.21% | 26.55% | |
कृषि | 25.33% | 25.74% |
प्रति व्यक्ति आय (PCI)
(Per Capita Income)
प्रति व्यक्ति आय की गणना शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद को राज्य की मध्यवर्षीय कुल जनसंख्या से विभाजित कर प्राप्त की जाती है।
प्रति व्यक्ति आय = NSDP/Population
राजस्थान | ||
₹1,03,189 | ||
₹2,02,349 |
भारत | ||
₹1,21,968 | ||
₹2,19,575 |
सकल स्थाई पूँजी निर्माण (GFCF)
(Gross fixed capital formation)
सकल स्थाई पूंजी निर्माण को वर्ष के दौरान उत्पादनकर्ता द्वारा सृजित की गई परिसम्पत्तियों में से निस्तारित सम्पत्तियों (Disposal assets) को घटाने के बाद तथा गणना अवधि में गैर उत्पादित परिसम्पत्तियों (non produced assets) को उत्पादन गतिविधियों में उपयोग की कीमत के आधार पर मापा जाता है।
• प्रचलित कीमतों पर वर्ष 2024-25 के अन्त में कुल सम्पत्तियाँ ₹5,02,412 करोड़ अनुमानित की गई हैं, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद (₹17,01,190 करोड़) का 29.53% है।
• सकल स्थाई पूंजी निर्माण में गत वर्ष 2023-24 की तुलना में 11.81% की वृद्धि हुई है।
• योगदान:-
1. निर्माण 2. स्थावर संपदा, आवासीय भवन
3. विनिर्माण 4. विद्युत, गैस, जलापूर्ति
5. अन्य सेवाएं 6. लोक प्रशासन
(Consumer Price Index) • राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी। • इसमें वस्तुओं एवं सेवाओं को शामिल किया जाता है। • 4 प्रकार के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बनाए जाते हैं - 1. सामान्य CPI (ग्रामीण, शहरी एवं संयुक्त) • NSO द्वारा जारी। • आधार वर्ष:- 2012 • नया आधार वर्ष:- 2024 (फरवरी 2026 से) 2. CPI-IW (औद्योगिक श्रमिक) • श्रम ब्यूरो (चंडीगढ़) द्वारा जारी। • आधार वर्ष:- 2016 • इसमें राजस्थान के 3 केंद्र है - जयपुर केंद्र, अलवर केंद्र, भीलवाड़ा केंद्र। (JAB) नोट:- आधार वर्ष 2001 के स्थान पर 2016 जबकि अजमेर केंद्र की जगह अलवर केंद्र किया गया है। 3. CPI-AL (कृषि श्रमिक) • श्रम ब्यूरो (चंडीगढ़) द्वारा जारी। • आधार वर्ष:- 1986-87 • नया आधार वर्ष:- 2019 (जून 2025 से) 4. CPI-RL (ग्रामीण श्रमिक) • श्रम ब्यूरो (चंडीगढ़) द्वारा जारी। • आधार वर्ष:- 1986-87 • नया आधार वर्ष:- 2019 (जून 2025 से) (RL - Rural labourer) (AL - Agricultural labourer) (IW - Industrial worker) | (Wholesale Price Index) • उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी। • प्रतिमाह जारी किया जाता है। • इसमें केवल वस्तुएं शामिल की जाती है। राजस्थान में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) • आधार वर्ष 1999-2000 • प्रतिमाह जारी। • 154 वस्तुएं इसमें शामिल की गई है। 75 प्राथमिक वस्तुएं। 69 विनिर्माण वस्तुएं। 10 ईंधन, शक्ति, प्रकाश, उपस्नेहक वस्तुएं। 2025 में राजस्थान का WPI:- 399.13 |
राजस्थान की प्रमुख विशेषताओं का अखिल भारत से तुलनात्मक विवरण:-
2011 | लाख वर्ग किमी | 3.42 | 32.87 |
6.85 | 121.09 | |||
दशकीय वृद्धि दर | 2001-2011 | 17.7 | ||
कुल जनसंख्या से शहरी जनसंख्या का प्रतिशत | 2011 | प्रतिशत | ||
कुल जनसंख्या से शहरी जनसंख्या का प्रतिशत | ||||
अनुसूचित जाति की जनसंख्या | ||||
अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या | ||||
लिंगानुपात | 928 | |||
79.2 | ||||
43.6 | ||||
| 2011 | जनसंख्या प्रति वर्ग किमी. | 200 | 382 |
प्रश्न.राजस्थान में आर्थिक विकास के संकेतक बताइए?
राजकोषीय प्रबंधन:-
आय (प्राप्ति):-1. राजस्व आय:- कर (Tax), गैर कर (Non-tax)2. पूंजीगत आय:- ऋण।
राजस्व आय (प्राप्ति) के स्त्रोत - स्वयं का कर राजस्व> केंद्रीय करों में हिस्सा> गैर कर राजस्व> केंद्रीय सहायता
व्यय (खर्च):-1. राजस्व व्यय:- सामाजिक सेवाएं > सामान्य सेवाएं > आर्थिक सेवाएं।• सरकार सर्वाधिक खर्च सामाजिक सेवाओं के अंतर्गत वेतन एवं मजदूरी पर करती है।2. पूंजीगत व्यय।
राजस्व घाटा = राजस्व व्यय - राजस्व आयराजकोषीय घाटा = कुल आय - कुल व्यय(राजस्व आय + पूंजी आय) - कुल व्यय।
आंकड़े (2024-25):-
राजकोषीय संकेतक FRBM Act के अनुसार होना चाहिए वास्तविक राजस्व आधिक्य (+) / घाटा (-) (राशि करोड़ में) राजस्व आधिक्य अथवा शून्य घाटा (-) ₹41,950 राजकोषीय घाटा
राजकोषीय घाटे का राज्य जीडीपी से अनुपात (% में)
3% या कम (-) ₹72,420
4.26%
राजकोषीय देनदारियों का राज्य जीडीपी से अनुपात (% में) 34% से अधिक नहीं 37.67%
वर्ष 2026-27 के लिए बजट अनुमानराजस्व प्राप्तियाँ:- ₹3,25,740.14 करोड़राजस्व व्यय:- ₹3,50,054.07 करोड़राजस्व घाटा:- ₹24,313.93 करोड़राजकोषीय घाटा:- ₹79,492.52 करोड़ (राज्य GDP का 3.69%)
आय (प्राप्ति):-
1. राजस्व आय:- कर (Tax), गैर कर (Non-tax)
2. पूंजीगत आय:- ऋण।
राजस्व आय (प्राप्ति) के स्त्रोत -
स्वयं का कर राजस्व> केंद्रीय करों में हिस्सा> गैर कर राजस्व> केंद्रीय सहायता
व्यय (खर्च):-
1. राजस्व व्यय:- सामाजिक सेवाएं > सामान्य सेवाएं > आर्थिक सेवाएं।
• सरकार सर्वाधिक खर्च सामाजिक सेवाओं के अंतर्गत वेतन एवं मजदूरी पर करती है।
2. पूंजीगत व्यय।
राजस्व घाटा = राजस्व व्यय - राजस्व आय
राजकोषीय घाटा = कुल आय - कुल व्यय
(राजस्व आय + पूंजी आय) - कुल व्यय।
आंकड़े (2024-25):-
राजकोषीय संकेतक | ||
राजस्व आधिक्य अथवा शून्य घाटा | ||
3% या कम | ||
वर्ष 2026-27 के लिए बजट अनुमान
राजस्व प्राप्तियाँ:- ₹3,25,740.14 करोड़
राजस्व व्यय:- ₹3,50,054.07 करोड़
राजस्व घाटा:- ₹24,313.93 करोड़
राजकोषीय घाटा:- ₹79,492.52 करोड़
(राज्य GDP का 3.69%)
बैंकिंग:-
• राज्य की अनुमानित जनसंख्या 832.78 लाख (1 अक्टूबर 2025) के अनुसार राजस्थान में औसतन 9,080 व्यक्तियों पर एक बैंक शाखा कार्यरत है।
अटल पेंशन योजना
• यह पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों पर केन्द्रित है। इसके अन्तर्गत आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष है।
• इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर प्रतिमाह गारंटेड न्यूनतम ₹1,000 एवं अधिकतम ₹5,000 तक पेंशन प्रदान की जाती है।
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना:-
• मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य डीबीटी सलाहकार बोर्ड का गठन किया गया है, जो 5 अक्टूबर 2021 से प्रभावी है।
• डीबीटी योजनाओं की व्यापक पहचान करना और उनका एकीकरण करना।
डीबीटी भारत मिशन पोर्टल
• यह डीबीटी मिशन द्वारा विकसित एक वेब पोर्टल है जो केंद्र के साथ-2 राज्य में चल रही डीबीटी लागू योजनाओं का रियल टाइम व्यू प्रदान करता है।
नोट:- संपूर्ण आर्थिक समीक्षा की PDF DevEduNotes2 टेलीग्राम ग्रुप पर मिलेगी।
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